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प्रेम बहन जी के 7वें स्मृति दिवस को मर्यादा दिवस के रूप में मनाया

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देहरादून–14 जुलाई 2024,प्रेम बहन जी के 7वें स्मृति दिवस को  मर्यादा दिवस के रूप में मनाया गया | हिन्दू रक्षा सेना सनातन धर्म महासंघ के अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी महाराज ने ब्रह्माकुमारीज के ओम शांति अभिवादन शब्द को सुखद बताया और ओम ध्वनि को लेकर चर्चा की।उन्होंने कहा कि दुनिया के लोग जब यह पूछते है कि भगवान  भारत में ही क्यो आते है,तब उन्हें हम गर्व से कहते है कि भारत ही दुनिया मे केवल एक पवित्र धरा है। ब्रह्माकुमारीज की ज्वाइंट चीफ ने राजयोगिनी प्रेमलता बहन के चित्र को  निहारते हुए उनके रूहानी स्वरूप को अनुपम बताया।  राजयोगिनी बीके प्रेम लता बहन की 7वीं पुण्यतिथि पर उनके मर्यादित जीवन को प्रेरणा प्रद बताया गया।उन्होंने प्रेम बहन के अनुशासन व साधु संतों की सेवा कार्य का भी उल्लेख किया।
वही राजयोगिनी प्रेमलता बहन की याद में देहरादून के सुभाष नगर सेवा केंद्र पर आयोजित मर्यादा दिवस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ कल्पना सैनी (राज्यसभा सांसद, उत्तराखंड) ने कहा कि हमे अपनी पांचों इंद्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए ,तभी हम अपनी महत्वाकांक्षा को कम कर सकते है।उन्होंने मर्यादित जीवन को श्रेष्ठ बताया व ब्रह्माकुमारीज संस्था की ईश्वरीय सेवाओं की सराहना की।उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्था को देश व समाज के लिए प्रेरक बताया जो दुनिया को चरित्र निर्माण का संदेश दे रही है।
राजयोगी ब्रह्माकुमार सुशील भाई के संचालन में ब्रह्माकुमारीज हरिद्वार केंद्र इंचार्ज बीके मीना दीदी ने प्रेमलता बहन  के साथ बिताए 40 वर्षो को याद करते हुए उन्हें मर्यादा व आदर्श की मिसाल बताया।बीके मंजू ने आत्मा व परमात्मा को रेखांकित करते हुए राजयोगिनी प्रेमलता बहन के मर्यादित जीवन से प्रेरणा लेने का आव्हान किया। उन्होंने राजयोगिनी प्रेमलता बहन को भावुक मन से याद करते हुए उनके सद्गुणों की तारीफ की,जबकि बीके सोनिया ने उनपर एक लाजवाब कविता सुनाई। बीके सुशील भाई ने प्रेमलता बहन को संतो की आदर्श बताया व उनके द्वारा की गई ईश्वरीय सेवाओं को याद किया। इस अवसर पर बीके तारा,बीके गीता,बीके सोनिया, बीके आरती ,रुड़की से श्रीगोपाल नारसन आदि मौजूद रहे।कार्यक्रम में सांसद डॉ कल्पना सैनी,स्वामी प्रबोधानंद व श्रीगोपाल नारसन को राजयोगिनी सुदेश दीदी ने शाल ओढ़ाकर व ईश्वरीय सौगात देकर सम्मानित किया। 
 
ब्रह्माकुमारीज सब जोन देहरादून के विभिन्न केंद्रों से आए 25 वर्ष पवित्रता के रूप पूरे कर चुके संस्था से जुड़े भाई बहनों का सम्मान किया गया।

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ब्रह्माकुमारीज देहरादून द्वारा आमंत्रित ज्योतिष विद्वानों का राजयोग शिविर आबू रोड मानसरोवर में सम्पन्न !

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ब्रह्माकुमारीज मुख्यालय पर ज्योतिष विद्वानों ने दिखाए अध्यात्म के चमत्कार !
सम्पूर्ण भारत से पधारे 300 से अधिक ज्योतिष विद्वान जिनमें  हस्तरेखा ,अंगूठा ,जन्मपत्री, मस्तिष्क रेखा,नम्बर ज्योतिष गणित,कॉस्मिक हीलिंग ,फलित ज्योतिष आदि विधाओं के विशेषज्ञ !
मानसरोवर- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मानसरोवर, माउंट आबू परिसर में 5 दिवसीय अकल्ट परिवार मिलन राजयोग शिविर आयोजित किया गया।जिसके स्वागत सत्र में संस्था महासचिव राजयोगी बीके करुणा भाई ने कहा कि ज्योतिष विद्वानों का परमात्मा के घर आना इस बात का सुखद संकेत है कि दुनिया बदलने वाली है।उन्होंने व  राजयोगिनी डॉ सविता दीदी ने देशभर से आए ज्योतिष विद्वानों व विभिन्न क्षेत्रों की प्रसिद्ध हस्तियों का स्वागत भी किया। करुणा भाई ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज भगवान का घर है और सभी ज्योतिष विद्वान भगवान के मेहमान बनकर यहां आए है।
बीके बिंदु दीदी ने ब्रह्माकुमारीज संस्था का परिचय कराया |
मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि ,हरि के द्वार हरिद्वार व विश्वकर्मा की नगरी रुड़की से यहां आकर लगता है कि वास्तव में माउंट आबू में ब्रह्माकुमारीज ही परमात्मा का वह असली घर है जहां आकर परमात्मा की अनुभूति होती है।
उत्तराखंड में संस्कृत शिक्षा निदेशक रहे संस्कृत भारती के अध्यक्ष डॉ आनन्द भारद्वाज ने अपने सम्बोधन में राजयोग की विधि एवं उसके लाभ को विद्वतापूर्ण शब्दो मे परिभाषित किया।उन्होंने हिंदी,अंग्रेजी व संस्कृत तीनो भाषाओं में राजयोग की महिमा की।
ज्योतिष गुरु गोपाल राजू ने गुह्य विज्ञान की सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्योतिष व्यवसाय का विषय ने बल्कि सेवा भाव का विषय है,जिसका उपयोग देश और समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए।आध्यात्मिक चिंतक अर्जुन राम ने अकल्ट परिवार मिलन के कार्यक्रम को राजयोग शिविर के रूप में ब्रह्माकुमारीज द्वारा कराए जाने का स्वागत किया ,जबकि विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के उपकुलपति डॉ श्रीगोपाल नारसन ने राजयोग अभ्यास से हुए जीवन मे लाभ से जुड़े संस्मरण सुनाए और कहा कि ब्रह्माकुमारीज न सिर्फ देश दुनिया मे ईश्वरीय वाणी के माध्यम से हिंदी की सेवा कर रही है बल्कि इंसान को देवता बनाने का विश्व व्यापी प्रशिक्षण दे रही है।
राजयोगी बीके सुशील भाई के संचालन में बीके मीना दीदी ने राजयोग का अभ्यास कराया ।इस अवसर पर मधुरवाणी ग्रुप द्वारा स्वागत गीत व बालिका खुशी द्वारा स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया।कार्यक्रम में बीके गीता ,बीके तारा,बीके आरती,पूर्व राज्य मंत्री मेलाराम प्रजापति, स्वतंत्रता सेनानी परिवार से श्रीपाल वत्स व नवीन शरण निश्चल, सरदार पटेल विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेठपाल परमार,बार एसोसिएशन रुड़की के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र सिंह वर्मा व विपुल कुमार, पूर्व एसएसपी डाक विभाग अरविंद भारद्वाज, कृष्ण दत्त धीमान,केपी चंदेल,सुनील कुमार ,मनोज त्यागी ,लक्ष्मण सिंह,वर्षा ठाकुर,पूर्व प्रधानाचार्य अशोक शर्मा आर्य आदि मौजूद रहे।पांच दिनों तक चले  इस राजयोग शिविर में हस्तरेखा ,अंगूठा ,जन्मपत्री, मस्तिष्क रेखा,नम्बर ज्योतिष गणित,कॉस्मिक हीलिंग ,फलित ज्योतिष आदि विधाओं के विशेषज्ञ करीब 300 की संख्या में मौजूद रहे।भविष्य वक्ता अजय  भांबी ने माना कि निकट भविष्य में देश दुनिया मे परिवर्तन निश्चित है।इस अवसर पर राजयोगी मोहन सिंघल,बीके गीता दीदी,बीके मीना दीदी आदि ब्रह्माकुमारीज से जुड़े भाई बहनों ने राजयोग ,जीवन प्रबंधन, सकारात्मक जीवन आदि विषयों पर चर्चा की।राजयोगी जगदीश भाई ने ज्योतिष विद्वानों के राजयोग शिविर को एक अनूठा आध्यात्मिक उत्सव बताया तो ब्रह्माकुमारीज पीआरओ बीके कोमल भाई ने कहा कि परमात्मा के घर मे हमे वही गुण धारण करने चाहिए जो परमात्मा में हम देखते है।अकल्ट परिवार की ओर से जगदीश भाई,कोमल भाई व देहरादून से पहुंचे सुशील भाई का सम्मान भी शाल ओढ़ाकर किया गया।वही ब्रह्माकुमारीज परिसरों का दौरा भी किया।
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उत्तराखण्ड रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी से सस्नेह मुलाकात

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देहरादून राष्ट्रपति निकेतन – उत्तराखण्ड रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी से सस्नेह मुलाकात! 

उत्तराखंड रजत जयंती वर्ष (25वीं वर्षगांठ) के उपलक्ष्य में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी का उत्तराखण्ड शुभागमन हुआ, उन्होंने उत्तराखण्ड  के लिए कहा किप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और जन-आंदोलन की प्रेरणादायी यात्रा का एक गौरवशाली उत्सव है। 25 वर्षों में राज्य ने शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।  रजत जयंती वर्ष न केवल उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि आने वाले समय के लिए नई ऊर्जा, संकल्प और विकास के मार्ग पर सामूहिक अग्रसर होने का प्रेरक अवसर भी है।

 

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ब्रह्माकुमारीज के तीन सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल को प्रधानमंत्री की अगवानी के लिए विशेष निमंत्रण

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देहरादून-उत्तराखण्ड सरकार द्वारा ब्रह्माकुमारीज के तीन सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल (जिसमें बीके मंजू, बीके मीना एवं बीके सुशील शामिल थे)  को प्रधानमंत्री की अगवानी के लिए विशेष निमंत्रण दिया।
नरेंद्र मोदी जी के  9 नवंबर 2025 को देहरादून में उत्तराखंड राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगाँठ के अवसर पर देहरादून शुभागमन पर विशेष मुलाकात की और ईश्वरीय संदेश दिया
मोदी जी ने कहा कि “यह दशक उत्तराखंड का है” — और यह सिर्फ वाक्य नहीं था, मेरे द्वारा कहा गया था क्योंकि मुझे प्रदेश के लोगों पर भरोसा था। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रदेश की आध्यात्मिक शक्ति ही इसकी असली पहचान है, और कहा: “देवभूमि उत्तराखंड भारत की आध्यात्मिक धड़कन है।”
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