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Dehradun UK- Media Seminar & Felicitation Ceremony

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मीडिया की नैतिकता, जवाबदेही और स्व-मूल्यांकन’ विषय पर देहरादून में हुई ब्रह्माकुमारीज की मीडिया सेमिनार
देहरादून- ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र सुभाष नगर देहरादून में मीडिया सेमिनार एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया,जिसमे  ‘मीडिया की नैतिकता, जवाबदेही और स्व-मूल्यांकन’ विषय पर विस्तार से चर्चा की गई।सेमिनार में मुख्य अतिथि टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि जो ब्रह्माकुमारीज संस्था दुनिया के 140 देशों में 9000 सेवा केंद्रों के रूप में संचालित है,उससे बड़ा मीडिया दुनिया मे कोई दूसरा नही हो सकता।उन्होंने कहा कि हमे आशावादी एवं जागरूक होकर मीडिया को सकारात्मक बनाना है,साथ ही उन्होंने हिमालय बचाने की भी बात कही,उन्होंने कहा कि हिमालय बचेगा तभी जल बचेगा और तभी हम बचेंगे। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज संस्था से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में आगे आने की भी अपील की। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज को विश्व मे शांति व सदभाव की अंतरराष्ट्रीय संस्था बताते हुए कहा कि माना कि पत्रकारिता आज बदलाव के दौर से गुजर रही है,जिसे सकारात्मक रास्ते पर लाने की आवश्यकता है।
उत्तराखंड के सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने कहा कि वे इस बाद से सहमत नही है कि पत्रकार भी एक आम इंसान होता है,बल्कि वह खास है,चूंकि वह एक पत्रकार है,जो तीनों संवैधानिक संस्थाओं पर नजर रखता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को सबसे अधिक सूचना अधिकारों का प्रयोग करना चाहिए,लेकिन जो इसका उपयोग कर रहे है ,वे निजी स्वार्थ में लिप्त है,सही मायनों में राज्य में एक प्रतिशत भी सूचना का अधिकार का उपयोग नही हो पा रहा है,जो चिंता का विषय है।माउंट आबू से आए
ब्रह्माकुमारीज मिडिया विंग के राष्ट्रीय संयोजक बीके डॉ  शांतनु भाई जी  ने कहा कि मीडिया में नैतिकता होगी तभी वही सही जवाबदेही कर सकता है और स्व-मूल्यांकन भी तभी हो सकता है।उन्होंने  ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा मूल्यपरक पत्रकारिता को लेकर चलाये जा रहे अभियान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मीडिया जो नारद से लेकर महाभारत के संजय से होती हुई आज के दौर तक पहुंची में ,को समय के साथ स्वयं को बचाने के लिए सुधार के रास्ते पर चलना होगा। उन्होंने आकाशवाणी को ईश्वरीयवाणी,दूरदर्शन को दिव्य दर्शन बताते हुए पत्रकारिता सम्बंधित कुछ टिप्स दी,वही उन्हें माउंट आबू आने का निमंत्रण भी दिया।
विशिष्ट अतिथि विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के प्रति कुलपति डॉ श्रीगोपाल नारसन ने कहा कि पत्रकार को सदा जागरूक व सकारात्मक रहकर ऐसी खबर परोसनीचाहिए जो देश व समाज के हित मे हो,उन्होंने  समाज मे शांति व सदभाव के लिए पत्रकारों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया । उन्होंने पत्रकारों से ब्रह्माकुमारीज से सीख लेकर पांचों विकारों से मुक्त हो दिन की शुरुआत परमात्मा की याद से करके वही भोजन करना चाहिए जिसका भोग हम परमात्मा को लगा सकते हो।
प्रोफेसर देवेंद्र भसीन ने अपने अध्यापन के अनुभव साझा किए और माना कि पत्रकार को व्यवसायिक के बजाए सेवा भाव से कार्य करना चाहिए।उन्होंने आजादी से पहले और आजादी के बाद की पत्रकारिता की तुलनात्मक समीक्षा कर पत्रकारिता के विद्यार्थियों को मिशनरी पत्रकारिता के प्रति प्रेरित किया।
आकाशवाणी के कार्यक्रम अधिकारी अनिल भारती ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज जैसी संस्थाओं द्वारा मीडिया को सकारात्मक रखने की दिशा में पहल कर पत्रकारिता को नकारात्मकता से बाहर निकालने का काम कर रही है।उन्होंने कहा कि आकाशवाणी पहले भी विश्वसनीय थी,आज भी है।उन्होंने पत्रकारों के राष्ट्र के प्रति योगदान पर चर्चा की।
संस्था की सबजोन प्रभारी राजयोगिनी मंजू दीदी ने पत्रकारों को आध्यात्म से जुड़ने के लिए प्रेरित किया व शुभकामनाएं दी। माउंट आबू से आई वैशाली बहन ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्था का विज्ञापन मुक्त मीडिया जिस तरह से देश दुनिया मे शांति,सदभाव व चरित्र निर्माण की अलख जगा रहा है,वह अनुकरणीय है।उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से मीडिया के महत्व को सिद्ध किया।वही उन्होंने ब्रह्माकुमारीज के प्रति फैली भ्रांतियों को लेकर भी उनका स्पष्टीकरण दिया।
राजयोगी बीके सुशील भाई के कुशल संचालन में सभी अतिथियों का शाल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।वही पत्रकारों का भी अभिनन्दन किया गया। ब्रह्माकुमारीज की हरिद्वार सेवा केंद्र प्रभारी बीके मीना दीदी ने जहां राजयोग का अभ्यास कराया. इस अवसर पर सूचना विभाग के उपनिदेशक मनोज श्रीवास्तव, देवभूमि पत्रकार यूनियन के महामंत्री डॉ वीरेंद्र दत्त शर्मा ,बीके गीता,बीके तारा,बीके सोनिया आदि मौजूद रहे।

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देहरादून में मुख्यमंत्री, सांसदों एवं राज्यसभा सांसद को बांधा रक्षा-सूत्र

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देहरादून। रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज देहरादून द्वारा 20 अगस्त से 28 अगस्त तक राखी बांधने एवं ईश्वरीय संदेश देने का कार्यक्रम चल रहा है। इसी क्रम में ब्रह्माकुमारीज की बहनों द्वारा उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री, सांसदों, राज्यसभा सांसदों एवं विधायकों को रक्षा-सूत्र बांधकर रक्षाबंधन का आध्यात्मिक संदेश दिया जा रहा है।

इसी क्रम में ब्रह्माकुमारीज की बहनों ने उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री भ्राता पुष्कर सिंह धामी जी को रक्षा-सूत्र बांधकर ईश्वरीय सौगात भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी एवं बहन गीता धामी जी को भी रक्षा-सूत्र बांधकर ईश्वरीय सौगात प्रदान की गई। इस दौरान बी.के. गुरचरण, बी.के. मंजू दीदी, बी.के. स्वाति, बी.के. विनीता एवं उजला बहन उपस्थित रहीं।

इसी प्रकार हरिद्वार सांसद भ्राता त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी को बी.के. नीलम ने राखी बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। वहीं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद भ्राता महेंद्र भट्ट जी को बी.के. गीता दीदी ने रक्षा-सूत्र बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज बहनों ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए ईश्वरीय संदेश दिया। उन्होंने बताया कि रक्षा-सूत्र केवल स्नेह और भाईचारे का प्रतीक ही नहीं, बल्कि स्वयं को बुराइयों एवं नकारात्मक संस्कारों से मुक्त कर पवित्र, सकारात्मक और श्रेष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा भी देता है।

रक्षाबंधन के अवसर पर 20 से 28 अगस्त तक देहरादून में चल रहे इस सेवा कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों एवं जनप्रतिनिधियों को राखी बांधकर ईश्वरीय संदेश एवं आध्यात्मिक सौगात प्रदान की जा रही है। इस सेवा का उद्देश्य समाज में प्रेम, शांति, पवित्रता, सद्भाव एवं आत्मिक भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना है।

CM- 1- देहरादून -भ्राता पुष्कर सिंह धामी जी ( मुख्यमंत्री- उत्तराखण्ड ) को रक्षा सूत्र बाँधकर ईश्वरीय सौगात प्रदान करते हुए बी के मन्जू दीदी।
CM-2- देहरादून -भ्राता पुष्कर सिंह धामी जी ( मुख्यमंत्री- उत्तराखण्ड )  एवं बहन गीता धामी जी को रक्षासूत्र बाँधने के पश्चात् ईश्वरीय सौगात भेंट करते हुए (L-R)  बी.के. गुरचरण, बहन गीता धामी जी, भ्राता पुष्कर सिंह धामी जी, बी.के. मंजू दीदी, बी.के. स्वाति, बी.के. विनीता एवं उजला बहन।
RD- 1 देहरादून -भ्राता त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी (सांसद -हरिद्वार ) को राखी बाँधते हुए बी के नीलम
RD-2 देहरादून : रक्षाबंधन के पावन पर्व पर  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद भ्राता महेंद्र भट्ट जी को रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए बी.के. गीता दीदी।
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देहरादून के ज्योतिष विद्वानों का राजयोग शिविर सम्पन्न

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ब्रह्माकुमारीज मुख्यालय पर ज्योतिष विद्वानों ने दिखाए अध्यात्म के चमत्कार !
सम्पूर्ण भारत से पधारे 300 से अधिक ज्योतिष विद्वान जिनमें  हस्तरेखा ,अंगूठा ,जन्मपत्री, मस्तिष्क रेखा,नम्बर ज्योतिष गणित,कॉस्मिक हीलिंग ,फलित ज्योतिष आदि विधाओं के विशेषज्ञ !
मानसरोवर- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मानसरोवर, माउंट आबू परिसर में 5 दिवसीय अकल्ट परिवार मिलन राजयोग शिविर आयोजित किया गया।जिसके स्वागत सत्र में संस्था महासचिव राजयोगी बीके करुणा भाई ने कहा कि ज्योतिष विद्वानों का परमात्मा के घर आना इस बात का सुखद संकेत है कि दुनिया बदलने वाली है।उन्होंने व  राजयोगिनी डॉ सविता दीदी ने देशभर से आए ज्योतिष विद्वानों व विभिन्न क्षेत्रों की प्रसिद्ध हस्तियों का स्वागत भी किया। करुणा भाई ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज भगवान का घर है और सभी ज्योतिष विद्वान भगवान के मेहमान बनकर यहां आए है।
बीके बिंदु दीदी ने ब्रह्माकुमारीज संस्था का परिचय कराया |
मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि ,हरि के द्वार हरिद्वार व विश्वकर्मा की नगरी रुड़की से यहां आकर लगता है कि वास्तव में माउंट आबू में ब्रह्माकुमारीज ही परमात्मा का वह असली घर है जहां आकर परमात्मा की अनुभूति होती है।
उत्तराखंड में संस्कृत शिक्षा निदेशक रहे संस्कृत भारती के अध्यक्ष डॉ आनन्द भारद्वाज ने अपने सम्बोधन में राजयोग की विधि एवं उसके लाभ को विद्वतापूर्ण शब्दो मे परिभाषित किया।उन्होंने हिंदी,अंग्रेजी व संस्कृत तीनो भाषाओं में राजयोग की महिमा की।
ज्योतिष गुरु गोपाल राजू ने गुह्य विज्ञान की सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्योतिष व्यवसाय का विषय ने बल्कि सेवा भाव का विषय है,जिसका उपयोग देश और समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए।आध्यात्मिक चिंतक अर्जुन राम ने अकल्ट परिवार मिलन के कार्यक्रम को राजयोग शिविर के रूप में ब्रह्माकुमारीज द्वारा कराए जाने का स्वागत किया ,जबकि विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के उपकुलपति डॉ श्रीगोपाल नारसन ने राजयोग अभ्यास से हुए जीवन मे लाभ से जुड़े संस्मरण सुनाए और कहा कि ब्रह्माकुमारीज न सिर्फ देश दुनिया मे ईश्वरीय वाणी के माध्यम से हिंदी की सेवा कर रही है बल्कि इंसान को देवता बनाने का विश्व व्यापी प्रशिक्षण दे रही है।
राजयोगी बीके सुशील भाई के संचालन में बीके मीना दीदी ने राजयोग का अभ्यास कराया ।इस अवसर पर मधुरवाणी ग्रुप द्वारा स्वागत गीत व बालिका खुशी द्वारा स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया।कार्यक्रम में बीके गीता ,बीके तारा,बीके आरती,पूर्व राज्य मंत्री मेलाराम प्रजापति, स्वतंत्रता सेनानी परिवार से श्रीपाल वत्स व नवीन शरण निश्चल, सरदार पटेल विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेठपाल परमार,बार एसोसिएशन रुड़की के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र सिंह वर्मा व विपुल कुमार, पूर्व एसएसपी डाक विभाग अरविंद भारद्वाज, कृष्ण दत्त धीमान,केपी चंदेल,सुनील कुमार ,मनोज त्यागी ,लक्ष्मण सिंह,वर्षा ठाकुर,पूर्व प्रधानाचार्य अशोक शर्मा आर्य आदि मौजूद रहे।पांच दिनों तक चले  इस राजयोग शिविर में हस्तरेखा ,अंगूठा ,जन्मपत्री, मस्तिष्क रेखा,नम्बर ज्योतिष गणित,कॉस्मिक हीलिंग ,फलित ज्योतिष आदि विधाओं के विशेषज्ञ करीब 300 की संख्या में मौजूद रहे।भविष्य वक्ता अजय  भांबी ने माना कि निकट भविष्य में देश दुनिया मे परिवर्तन निश्चित है।इस अवसर पर राजयोगी मोहन सिंघल,बीके गीता दीदी,बीके मीना दीदी आदि ब्रह्माकुमारीज से जुड़े भाई बहनों ने राजयोग ,जीवन प्रबंधन, सकारात्मक जीवन आदि विषयों पर चर्चा की।राजयोगी जगदीश भाई ने ज्योतिष विद्वानों के राजयोग शिविर को एक अनूठा आध्यात्मिक उत्सव बताया तो ब्रह्माकुमारीज पीआरओ बीके कोमल भाई ने कहा कि परमात्मा के घर मे हमे वही गुण धारण करने चाहिए जो परमात्मा में हम देखते है।अकल्ट परिवार की ओर से जगदीश भाई,कोमल भाई व देहरादून से पहुंचे सुशील भाई का सम्मान भी शाल ओढ़ाकर किया गया।वही ब्रह्माकुमारीज परिसरों का दौरा भी किया।
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उत्तराखण्ड रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी से सस्नेह मुलाकात

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देहरादून राष्ट्रपति निकेतन – उत्तराखण्ड रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी से सस्नेह मुलाकात! 

उत्तराखंड रजत जयंती वर्ष (25वीं वर्षगांठ) के उपलक्ष्य में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी का उत्तराखण्ड शुभागमन हुआ, उन्होंने उत्तराखण्ड  के लिए कहा किप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और जन-आंदोलन की प्रेरणादायी यात्रा का एक गौरवशाली उत्सव है। 25 वर्षों में राज्य ने शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।  रजत जयंती वर्ष न केवल उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि आने वाले समय के लिए नई ऊर्जा, संकल्प और विकास के मार्ग पर सामूहिक अग्रसर होने का प्रेरक अवसर भी है।

 

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