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Respected Jayanti Didi Ji Programme in Dehradun-“अच्छी सोच, बेहतर जिंदगी” विषय पर कार्यक्रम

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देहरादून – 17 अप्रैल 2024, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, देहरादून सेवाकेंद्र  द्वारा  “अच्छी सोच, बेहतर जिंदगी” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज से विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीपप्रज्वलन करके की गई।
मुख्य वक्ता राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी जयंती दीदी जी, जो वर्तमान में ब्रह्माकुमारीज संस्था की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका हैं, ने कहा कि अच्छी सोच ही बेहतर जिंदगी का आधार है, जैसा हम सोचते हैं वैसा हमारा बोलना और करना स्वतः ही हो जाता है, जब भी कोई बात सामने आए तो बस एक सेकंड के लिए अपनी बुद्धि को पॉज करें और आत्मिक स्मृति में स्थित हो जाए तो हम बुद्धि को अच्छी तरह से राईट ट्रैक पर ला सकते हैं,  जिससे हमारे विचार न केवल पॉजिटिव बनेंगे अपितु प्योर और  श्रेष्ठ भी बनेंगे, अच्छी सोच का प्रभाव न केवल स्वयं पर अपितु एक का प्रभाव अनेकों पर, साइंस के अनुसार 1 व्यक्ति का प्रभाव कम से कम 150 लोगों पर पड़ता है, इस प्रकार राजयोग के द्वारा हम अपनी जीवन और विश्व का परिवर्तन कर सकते हैं।
महामंडलेश्वर स्वामी 1008 अभिषेक चैतन्य गिरी जी महाराज  (परमाध्यक्ष जगतगुरु सन्यास आश्रम, ऋषिकेश ) ने सर्वप्रथम ब्रह्माकुमारीज के द्वारा किए जाने वाले स्वागत और सत्कार की प्रशंसा करते हुए की जिस प्रकार प्रेम की भावना से स्वागत और आतिथ्य यहां होता है और कहीं नहीं होता, अगर सत्कार  करना सीखना हो तो यहां आकर सीखना चाहिए।  इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रार्थना का वास्तविक अर्थ समझाते हुए  उन्होंने कहा कि प्रभु से हमें यदि प्रार्थना करनी है तो यही करनी चाहिए की प्रभु मेरी बुद्धि शुभ विचारों से आंदोलित हो जाए, उसमें व्यर्थ का नाम न रहे, सांसारिक विषयों से मुक्त हो जाए, ऐसी बुद्धि प्राप्त करने की चाबी है प्रार्थना जो अर्थव वेद में सिखाई गई है।
राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी हंसा दीदी जी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा की दादी जानकी जी से हमने सीखा आर्ट ऑफ थिंकिंग , अर्थात सोचता तो हर एक का मन है लेकिन क्या सोचना है वो हमे मेडिटेशन सिखाता है, हमारी जीवन में सादगी हो, लेकिन सोच ऊंची होनी  चाहिए, जैसी हमारी सोच होती वैसा  वाइब्रेशन फैलता है, इसलिए हमारी सोच ऐसी अच्छी हो, जो कोई भी हमारे सामने आए, तो वो कुछ अच्छी फीलिंग लेकर जाए।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड सचिवालय से पधारे ज्योतिर्मय त्रिपाठी जी ने अपना अनुभव सुनाते  हुए कहा की इस ईश्वरीय विद्यालय से जुड़कर, मैंने सीखा की नेगेटिविटी को कैसे हैंडल करना है जिससे 2- 3 मास में ही मेरे सोचने का नजरिया बिलकुल बदल गया है जिसके  लिए मैं ब्रह्माकुमारीज  संस्था का  आभारी हूं
ब्रह्माकुमारीज  देहरादून, सबजोन प्रभारी, राजयोगिनी बी के मंजू बहन जी ने अपनी वाणी से सभी अतिथियों का स्वागत किया। कुमारी समृद्धि ने स्वागत नृत्य के द्वारा सभी का अभिनंदन किया। ब्रह्माकुमार सुशील भाई ने कार्यक्रम का संचालन किया।

Photo Caption-JD-1 देहरादून – अच्छी सोच, बेहतर जिन्दगी कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए बी के जयंती दीदी, महामंडलेश्वर स्वामी अभिषेक चैतन्य गिरी जी महाराज , बी के हंसा दीदी , बी के मन्जू दीदी
Photo Caption-JD-2 देहरादून – अच्छी सोच, बेहतर जिन्दगी कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करते हुए बी के जयंती दीदी, महामंडलेश्वर स्वामी अभिषेक चैतन्य गिरी जी महाराज ,भ्राता ज्योतिर्यमय त्रिपाठी जी , बी के हंसा दीदी , बी के मन्जू दीदी

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ब्रह्माकुमारीज देहरादून द्वारा आमंत्रित ज्योतिष विद्वानों का राजयोग शिविर आबू रोड मानसरोवर में सम्पन्न !

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ब्रह्माकुमारीज मुख्यालय पर ज्योतिष विद्वानों ने दिखाए अध्यात्म के चमत्कार !
सम्पूर्ण भारत से पधारे 300 से अधिक ज्योतिष विद्वान जिनमें  हस्तरेखा ,अंगूठा ,जन्मपत्री, मस्तिष्क रेखा,नम्बर ज्योतिष गणित,कॉस्मिक हीलिंग ,फलित ज्योतिष आदि विधाओं के विशेषज्ञ !
मानसरोवर- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मानसरोवर, माउंट आबू परिसर में 5 दिवसीय अकल्ट परिवार मिलन राजयोग शिविर आयोजित किया गया।जिसके स्वागत सत्र में संस्था महासचिव राजयोगी बीके करुणा भाई ने कहा कि ज्योतिष विद्वानों का परमात्मा के घर आना इस बात का सुखद संकेत है कि दुनिया बदलने वाली है।उन्होंने व  राजयोगिनी डॉ सविता दीदी ने देशभर से आए ज्योतिष विद्वानों व विभिन्न क्षेत्रों की प्रसिद्ध हस्तियों का स्वागत भी किया। करुणा भाई ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज भगवान का घर है और सभी ज्योतिष विद्वान भगवान के मेहमान बनकर यहां आए है।
बीके बिंदु दीदी ने ब्रह्माकुमारीज संस्था का परिचय कराया |
मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि ,हरि के द्वार हरिद्वार व विश्वकर्मा की नगरी रुड़की से यहां आकर लगता है कि वास्तव में माउंट आबू में ब्रह्माकुमारीज ही परमात्मा का वह असली घर है जहां आकर परमात्मा की अनुभूति होती है।
उत्तराखंड में संस्कृत शिक्षा निदेशक रहे संस्कृत भारती के अध्यक्ष डॉ आनन्द भारद्वाज ने अपने सम्बोधन में राजयोग की विधि एवं उसके लाभ को विद्वतापूर्ण शब्दो मे परिभाषित किया।उन्होंने हिंदी,अंग्रेजी व संस्कृत तीनो भाषाओं में राजयोग की महिमा की।
ज्योतिष गुरु गोपाल राजू ने गुह्य विज्ञान की सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्योतिष व्यवसाय का विषय ने बल्कि सेवा भाव का विषय है,जिसका उपयोग देश और समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए।आध्यात्मिक चिंतक अर्जुन राम ने अकल्ट परिवार मिलन के कार्यक्रम को राजयोग शिविर के रूप में ब्रह्माकुमारीज द्वारा कराए जाने का स्वागत किया ,जबकि विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के उपकुलपति डॉ श्रीगोपाल नारसन ने राजयोग अभ्यास से हुए जीवन मे लाभ से जुड़े संस्मरण सुनाए और कहा कि ब्रह्माकुमारीज न सिर्फ देश दुनिया मे ईश्वरीय वाणी के माध्यम से हिंदी की सेवा कर रही है बल्कि इंसान को देवता बनाने का विश्व व्यापी प्रशिक्षण दे रही है।
राजयोगी बीके सुशील भाई के संचालन में बीके मीना दीदी ने राजयोग का अभ्यास कराया ।इस अवसर पर मधुरवाणी ग्रुप द्वारा स्वागत गीत व बालिका खुशी द्वारा स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया।कार्यक्रम में बीके गीता ,बीके तारा,बीके आरती,पूर्व राज्य मंत्री मेलाराम प्रजापति, स्वतंत्रता सेनानी परिवार से श्रीपाल वत्स व नवीन शरण निश्चल, सरदार पटेल विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेठपाल परमार,बार एसोसिएशन रुड़की के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र सिंह वर्मा व विपुल कुमार, पूर्व एसएसपी डाक विभाग अरविंद भारद्वाज, कृष्ण दत्त धीमान,केपी चंदेल,सुनील कुमार ,मनोज त्यागी ,लक्ष्मण सिंह,वर्षा ठाकुर,पूर्व प्रधानाचार्य अशोक शर्मा आर्य आदि मौजूद रहे।पांच दिनों तक चले  इस राजयोग शिविर में हस्तरेखा ,अंगूठा ,जन्मपत्री, मस्तिष्क रेखा,नम्बर ज्योतिष गणित,कॉस्मिक हीलिंग ,फलित ज्योतिष आदि विधाओं के विशेषज्ञ करीब 300 की संख्या में मौजूद रहे।भविष्य वक्ता अजय  भांबी ने माना कि निकट भविष्य में देश दुनिया मे परिवर्तन निश्चित है।इस अवसर पर राजयोगी मोहन सिंघल,बीके गीता दीदी,बीके मीना दीदी आदि ब्रह्माकुमारीज से जुड़े भाई बहनों ने राजयोग ,जीवन प्रबंधन, सकारात्मक जीवन आदि विषयों पर चर्चा की।राजयोगी जगदीश भाई ने ज्योतिष विद्वानों के राजयोग शिविर को एक अनूठा आध्यात्मिक उत्सव बताया तो ब्रह्माकुमारीज पीआरओ बीके कोमल भाई ने कहा कि परमात्मा के घर मे हमे वही गुण धारण करने चाहिए जो परमात्मा में हम देखते है।अकल्ट परिवार की ओर से जगदीश भाई,कोमल भाई व देहरादून से पहुंचे सुशील भाई का सम्मान भी शाल ओढ़ाकर किया गया।वही ब्रह्माकुमारीज परिसरों का दौरा भी किया।
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उत्तराखण्ड रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी से सस्नेह मुलाकात

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देहरादून राष्ट्रपति निकेतन – उत्तराखण्ड रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी से सस्नेह मुलाकात! 

उत्तराखंड रजत जयंती वर्ष (25वीं वर्षगांठ) के उपलक्ष्य में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी का उत्तराखण्ड शुभागमन हुआ, उन्होंने उत्तराखण्ड  के लिए कहा किप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और जन-आंदोलन की प्रेरणादायी यात्रा का एक गौरवशाली उत्सव है। 25 वर्षों में राज्य ने शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।  रजत जयंती वर्ष न केवल उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि आने वाले समय के लिए नई ऊर्जा, संकल्प और विकास के मार्ग पर सामूहिक अग्रसर होने का प्रेरक अवसर भी है।

 

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ब्रह्माकुमारीज के तीन सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल को प्रधानमंत्री की अगवानी के लिए विशेष निमंत्रण

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देहरादून-उत्तराखण्ड सरकार द्वारा ब्रह्माकुमारीज के तीन सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल (जिसमें बीके मंजू, बीके मीना एवं बीके सुशील शामिल थे)  को प्रधानमंत्री की अगवानी के लिए विशेष निमंत्रण दिया।
नरेंद्र मोदी जी के  9 नवंबर 2025 को देहरादून में उत्तराखंड राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगाँठ के अवसर पर देहरादून शुभागमन पर विशेष मुलाकात की और ईश्वरीय संदेश दिया
मोदी जी ने कहा कि “यह दशक उत्तराखंड का है” — और यह सिर्फ वाक्य नहीं था, मेरे द्वारा कहा गया था क्योंकि मुझे प्रदेश के लोगों पर भरोसा था। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रदेश की आध्यात्मिक शक्ति ही इसकी असली पहचान है, और कहा: “देवभूमि उत्तराखंड भारत की आध्यात्मिक धड़कन है।”
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